मैं कभी बतलाता नहीं, पर अंधेरे से डरता हूँ मैं माँ :-मेरी मां



पेंसिल और रबर के बीच की यह बातें बहुत ही प्रेरणादायक है| हमारी माँ भी इरेज़र की तरह हमारी गलतियों को सुधारने के लिए हमेशा तैयार रहती है| कभी-कभी हमारी वजह से उन्हें दुःख भी पहुँचता है लेकिन वो हमारी ख़ुशी के लिए अपना पूरा जीवन दांव पर लगा देती है|

जो लोग पढाई या नौकरी के लिए किसी और शहर में रहते है वे माँ से दूर रहने का दर्द जानते है| वे लोग माँ को हर पल याद करते है और शायद कभी कभी उनके मन में यह गाना गूंजता रहता है या फिर यह गाना सुनकर उनकी आँखों से स्वत: ही आंसू निकल आते है –
मेरी मां के लिये.........Dedicated Specially For Meri Maa...Love uhh FOREVER
मैं कभी बतलाता नहीं, पर अंधेरे से डरता हूँ मैं माँ
यूँ तो मैं दिखलाता नहीं, तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ
तुझे सब है पता, है ना माँ, तुझे सब है पता, मेरी माँ
भीड़ में यूँ ना छोड़ो मुझे
घर लौट के भी आ ना पाऊँ माँ
भेज ना इतना दूर मुझको तू
याद भी तुझको आ ना पाऊँ माँ
क्या इतना बुरा हूँ मैं माँ, मेरी माँ
जब भी कभी पापा मुझे ज़ोर ज़ोर से झूला झुलाते है माँ
मेरी नज़र ढूँढे तुझे, सोचू यही तू आ के थामेगी माँ
उन से मैं यह कहता नहीं, पर मैं सहम जाता हूँ माँ
चेहरे में आने देता नहीं, दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ
तुझे सब है पता है ना माँ, मेरी माँ
जब भी कभी पापा मुझे ज़ोर ज़ोर से झूला झुलाते है माँ
मेरी नज़र ढूँढे तुझे, सोचू यही तू आ के थामेगी माँ
उन से मैं यह कहता नहीं, पर मैं सहम जाता हूँ माँ
चेहरे में आने देता नहीं, दिल ही दिल में घबराता हूँ माँ
तुझे सब है पता है ना माँ, मेरी मां.............
आज तक उन्होंने हमारी ख़ुशी के लिए हरसंभव कोशिश की| लेकिन अब हमारी बारी है कि हम उनकी ख़ुशी के लिए हरसंभव प्रयास करें|
SHIVANKIT TIWARI
MOTIVATIONAL SPEAKAR.....




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