"तेरे जाने से"-"कविता" - BY -SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"
तेरे जाने से,अब ये शहर वीरान हो गया,
तेरे जादू का असर अब जाने कहां खो गया
तेरी पायल की झंकार से,
ये सारा शहर जाग जाता था
अब उन झंकारों का खतम नामो-निशान हो गया,
बहुत ढूँढा मैंने तुझे मुसाफिरों की तरह,
भटकता रहा,छिपता रहा कायरों की तरह
अब तक तो ये शहर भी पूरा सुनसान हो गया,
ऐसे बिछड़ी या कहूँ खो गयी तू इस शहर से
तुझे ढूँढने का जारी फरमान हो गया,
तलाशता रहा तुझे शहर के हर इक कोने में,
अब तुझे ढूँढने का जारी लाखों इनाम हो गया
तू वजूद थी या परछाईं थी मेरी,
तुझे लिखना बस मेरा आखिरी काम हो गया..
-शिवांकित तिवारी "शिवा"
युवा कवि एवं लेखक
तेरे जादू का असर अब जाने कहां खो गया
तेरी पायल की झंकार से,
ये सारा शहर जाग जाता था
अब उन झंकारों का खतम नामो-निशान हो गया,
भटकता रहा,छिपता रहा कायरों की तरह
अब तक तो ये शहर भी पूरा सुनसान हो गया,
ऐसे बिछड़ी या कहूँ खो गयी तू इस शहर से
तुझे ढूँढने का जारी फरमान हो गया,
तलाशता रहा तुझे शहर के हर इक कोने में,
अब तुझे ढूँढने का जारी लाखों इनाम हो गया
तू वजूद थी या परछाईं थी मेरी,
तुझे लिखना बस मेरा आखिरी काम हो गया..
-शिवांकित तिवारी "शिवा"
युवा कवि एवं लेखक
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