"नमन है वीर सपूतों को" - "कविता" BY SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"


भारत माँ के वीर सपूत आजादी के थे रखवाले,
हिंदुस्तान की अमर कहानी की गाथा थे लिखने वाले,

हिन्द की वो शान थे,
हिन्दुस्तान का अभिमान थे,

देश की आजादी की खातिर,
 हो गये कुर्बान थे,

भारत माँ की आन पे ना आँच कभी आने दी,
काट दिये कर शत्रुओं के पर उन्हें उँगली न उठाने दी,

देश की खातिर चढ़े शूली पे तीन लाल,
अल्पायु में थे मर मिटें करके बड़ा कमाल,

देश को आजाद कराने की बापू ने ली थी मन में ठान,
सत्य,अहिंसा को अपनाकर था आजाद कराया हिन्दुस्तान,

नमन हैं उन शहीदों को जिन्होंने किया अपना सर्वस्व बलिदान,
तन-मन जीवन करके अर्पण था  मुक्त कराया हिन्दुस्तान,

हमें हैं खुद पे अभिमान बहुत कि हम हिन्दुस्तान में रहते हैं,
जन गण मन बसा हैं अन्तर्मन में बस हम यहीं गुनगुनाते रहते हैं,

-शिवांकित तिवारी "शिवा"
  युवा कवि एवं लेखक 
















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