"सफलता:-हमारी आदत"-MOTIVATIONAL BLOG - SHIVANKIT TIWARI "SHIVA"


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हम भी प्रतिकूल परिस्थियों के कारण और कुछ प्रयासों के विफल हो जाने पर प्रयास करना छोड़ देते हैं। हम स्वयं को अपनी ही नकारात्मक सोच के बन्धनों में बाँध देते हैं,और यह मानने लगते हैं कि हमारे प्रयास कभी सफल हो ही नहीं सकते,लेकिन वास्तव में हमें यह नहीं पता होता कि,हमें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। अगर हमें कोई रोक सकता है,तो वह है हमारी खुद की सोच। जब हम सच्चे दिल से प्रयास करते है तो सारी सृष्टि हमारी मदद करने लगती है और सारे बंद दरवाजे अपने-आप खुल जाते हैं लेकिन कई बार दुर्भाग्य से हम थोड़ा-सा प्रयास करके उन दरवाजों तक पहुँचने का प्रयास भी नहीं करते,जो बिल्कुल गलत है। जिंदगी में कभी भी प्रयास करने वाले को विफलता नहीं मिली है,अगर वह संघर्षरत है और अगर उसने चुनौतियों का सामना बड़ी निडरता से किया है तो अंततः शत-प्रतिशत सफलता उसके कदमों की गुलाम होती है।
ज़रा इस पर ध्यान दीजिए-

“बस कदम बढ़ा,तू चलता जा,
बाधाओं से तू मत घबरा।
लक्ष्य को रखकर तू सामने,
बस चलता जा-बस चलता जा।
न रुकना है,ना थकना है,
बस आगे बढ़ते रहना है।
विफलता तेरी ताकत है,
सफलता तेरी आदत है।
बस एक कदम तू और बढ़ा,
हिम्मत कर तू हक से कदम बढ़ा।
जीतेगा बस तू ये जानकर,
तू ही जीतेगा ये ठानकर।
बस तू आगे बढ़,बढ़ता जा,
और आज देख।
कोशिश का फल है तुझे मिला,
कितनी विफलताओं को कुचलने के बाद
कितने तानों को सुनने के बाद,
देख!
आखिर आज तू जीत ही गया।
तू सफल हुआ,
आज तूने विफलता रूपी रावण का दहन कर दिया…
अब तू सफल हो गया॥”

-शिवांकित तिवारी "शिवा"
   युवा कवि एवं लेखक
      सतना (म.प्र.)


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